December 2017

हैप्पी न्यू इयर लेकिन कौन सा?

प्रो. गोविन्द सिंह। वर्ष 2017 भी तमाम उतार-चढ़ावों के बाद आखिर अलविदा हो ही गया और 2018 भी आ गया. युवावस्था में जो उत्साह नए वर्ष को लेकर मन में रहता था, अब नहीं होता….


अंग्रेजों ने क्यों शुरू करवाया भारत में गोवंश का कत्लेआम?

राजीव दीक्षित। आप सब जानते हैं कि हमारा देश अंग्रेजों का एक लम्बे समय तक गुलाम रहा। सैकड़ों वर्षों तक अंग्रेजों ने इस देश को गुलाम बनाने के लिए काफी तैयारियां की थी। पिछले कुछ वर्षों…


संत समाज के सुमेरु व महान व्यक्तित्व : प्रभुदत्त ब्रह्मचारी

प्रभुदत्त ब्रह्मचारी इस सदी के महान् संत थे। गौरक्षा, गंगा की पवित्रता, हिन्दी भाषा, भारतीय संस्कृति और हिन्दू धर्म की सेवा उनके जीवन के परम लक्ष्य थे। उन्होंने गौरक्षा के मुद्दे पर अनेक अनशन, आन्दोलन…


महाराज दिलीप को गोभक्ति से मिली संतान

निखिल दुनिया ब्यूरो। अयोध्या के राजा दिलीप बड़े त्यागी, धर्मात्मा, प्रजा का ध्यान रखने वाले थे। उनके राज्य में प्रजा संतुष्ट और सुखी थी। राजा को प्रौढावस्था तक भी कोई संतान नहीं हुई। अतः एक…


आज भी हैं हनुमान जी जीवित जानें, कब तक रहेंगे उनके शरीर में प्राण

निखिल दुनिया ब्यूरो। भगवान हनुमान की करोड़ों भक्‍त पूजा करते हैं। उन पर विश्‍वास करते हैं, आस्‍था रखते हैं। हर युग में इनसे भक्‍तों ने साहस, पराक्रम, ताकत, मासूमियत, करुणा और निस्‍वार्थ होने की सीख ही…


रामायण के रामसेतु से सहमत है साइंस

निखिल दुनिया ब्यूरो। संकीर्ण राजनीतिक कारणों से अपने देश के लोग भले ही रामसेतु की ऐतिहासिकता और प्रामाणिकता को खारिज करते रहते हैं और उसे कल्पना बताते हैं। मगर अमेरिकी भू वैज्ञानिकों ने दावा किया…


रासायनिक खाद और कीटनाशक से मुक्त हो कृषि

हम किसी फल को हाथ में लेकर, सूंघकर, हल्के से दबाकर अथवा दाग-धब्बे जांचकर उसकी ताजगी का अंदाजा लगा सकते हैं, लेकिन हम कैसे जान पाएंगे कि उसके अंदर कितनी कीटनाशक दवाएं भरी हैं? हम…


गोबर गैस संयंत्र – ऊर्जा का खजाना

गौतम सजवाण/निखिल दुनिया ब्यूरो। आज के समय में बिजली संकट को देखते हुए गोबर गैस प्लांट ऊर्जा का अच्छा विकल्प हो सकता है। साथ ही गोबर गैस से प्रकृति का भी संरक्षण हो सकता है।…


अच्छी सरकार किसे कहते हैं?

लाजपत राय सभरवाल। एक बार कन्फ्यूशियस के किसी शिष्य ने पूछा-अच्छी सरकार किसे कहते हैं? उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि, जिसके पास पर्याप्त अन्न हो, अस्त्र-शस्त्र हों तथा जिस पर जनता का विश्वास हो।…


‘भगवान शंकर ने चांडाल रूप में दिए दर्शन’

निखिल दुनिया ब्यूरो।युधिष्ठिर संवत् दो हजार छः सौ तैतालीस में चैत्र शुक्ल त्रयोदशी की तिथि थी। शंकर बारह वर्ष की आयु में पहुंच गए थे। काशी में निवास के दौरान गंगा की ओर बढ़ रहे…