February 2018

कांची पीठ के शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती हुए ब्रह्मलीन, जानिए इस ताकतवर संत की कहानी

कांची कामकोटि मठ के 69 वें शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती बुधवार को ब्रह्मलीन  हो गए।  वे 82 साल के थे। वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। तमिलनाडु स्थित हिंदू धर्म में सबसे अहम और ताकतवर…


भगवान विष्णु के अवतार ‘कल्कि’ का यहां होगा जन्म

निखिल दुनिया ब्यूरो। गीता में भगवान श्रीकृष्‍ण ने कहा है कि जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म का बोलबाला होता है, तब-तब धर्म की स्‍थापना के लिए वह अवतार लेते हैं। भगवान का कल्कि…


गोबर के सामने माॅडर्न साइंस के सूत्र टूटे

निखिल दुनिया ब्यूरो। धरती में सबसे मूल्यवान आॅक्सीजन है। मानव को एक सेकंड भी आॅक्सीजन न मिले तो इस शरीर का जिंदा रहना मुश्किल है। इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है।…


‘कलि’ की उत्पत्ति किसने की? जानिए कलियुग का पूरा वंश . . .

एक बार नैमिषारण्य निवासी शौनकादि महाभागों ने सूतजी से भगवान विष्णु के कल्कि अवतार की कथा विस्तार पूर्वक जानने की इच्छा प्रकट की। सूतजी बोले-हे मुनीश्वरों! प्राचीन समय की बात है-इस परम अद्भुत उपाख्यान को…


परमयोगी संत ज्ञानेश्वर

निखिल दुनिया ब्यूरो। संत ज्ञानेश्वर तेरहवीं सदी के एक महान सन्त थे जिन्होंने ज्ञानेश्वरी की रचना की। संत ज्ञानेश्वर की गणना भारत के महान संतों एवं मराठी कवियों में होती है। ये संत नामदेव के समकालीन…


आज का हिन्दू धर्म

निखिल दुनिया ब्यूरो। हिन्दू धर्म के दो रूप अनादि काल से चल रहे हैं। एक रूप सनातन है, नित्य है और दूसरा रूप विशेष है, परिवर्तनशील है। पहले रूप को सनातन धर्म कहा जाता है…


. . .जब श्राद्ध भोज में पहुंचे सैकड़ों कुकुर

निखिल दुनिया ब्यूरो। चरणदास बाबा एक सिद्ध पुरुष थे। पश्चिम बंगाल के नवद्वीप में अपने आश्रम में रह कर वे साधना करते थे। उनके आश्रम में एक कुतिया रहती थी, जिसे बाबा प्रेम से ‘भक्ति मां’…


योग से रेलवे क्लर्क इंडिया से पहुंचा था इंग्लैंड, यह जान ब्रिटिश अधिकारी गिर गया पैरों में

कभी रेलवे क्लर्क रहे श्यामा चरण लाहिड़ी अपनी विद्या से इंडिया में बैठे-बैठे इंग्लैंड तक पहुंच जाते थे। वे योग से अपने माइंड को कंट्रोल करते थे और आत्मा को एक जगह से दूसरी जगह…


स्वामी रामसुखदास महाराज से जुड़ी दो अविश्वसनीय घटनाएं

निखिल दुनिया ब्यूरो। स्वामी रामसुखदास महाराज भारतवर्ष के अत्यंत उच्च कोटि के विरले वीतरागी संन्यासी थे। वे गीताप्रेस के तीन कर्णधारों में से एक थे। उन्होंने गीता के मर्म को साक्षात् किया और अपने प्रवचनो…


प्रकृति की सरलता

प्रकृति अत्यंत सरल है। इसकी समस्त क्रियाएं बड़ी सरलता के साथ होती हैं। सूर्य का उदय होना, तारों का टिमटिमाना, नदियों का निरंतर बहना, हवा का चलना समय पर हो रहा है। वृक्ष फलते-फूलते हैं,…