July 2018

कण कण में है ईश्वर का वास

स्वामी शिवानन्दजी सरस्वती संसार में जो कुछ भी है सभी में ईश्वर का वास है, वह भले ही चर हो या अचर। ईश्वर का न कहीं अन्त है और न आदि। वह सर्वव्यापी, अन्तर्यामी, सर्वशक्तिमान…


आत्मानुभूति का अवलम्ब (प्राणायाम)

स्वामी रामतीर्थ प्राणायाम का शाब्दिक अर्थ होता है-श्वासं का नियंत्रण। हिन्दुओं के योग ग्रंथों में श्वांस के नियंत्रण या नियमन की आठ प्रमुख विधियां बतायी गयी हैं। परन्तु राम इनमें से केवल एक ही विधि की-अर्थात्…