September 11, 2018

‘जैसा खाओ अन्न’ वैसा होवे मन

लोकोक्ति प्रचलित है कि ‘जैसा खाओ अन्न’ वैसा होवे मन। जैसा पीओ पानी, वैसी बोले वानी’। इस लोकोक्ति में दीर्घकालिक अनुभव सन्निहित है। इसका यह भी अर्थ होता है कि जिस भावना को लेकर कोई…


आत्मोन्नति के हैं कई साधन

प्रत्येक प्राणी उन्नति का इच्छुक है पर उन्नति का सही मार्ग समझ पाना कठिन है और उससे भी कठिन है उसको आचरण में लाना। कोई व्यक्ति कहीं जाना चाहता है या कुछ प्राप्त करना चाहता…