Articles by Nikhil Duniya

…तो स्वामी विशुद्धानंद सूक्ष्म शरीर से कर रहे ईश्वर आराधना

निखिल दुनिया ब्यूरो। चैरासी लाख योनियों में भटकने के बाद मिले इस मानव जीवन को हम दुनियादारी के काम-काज में यूं ही गंवा देते हैं। हजारों-लाखों में से कोई एक बिरला होता है, जो मानव…


शराब दस पीढ़ी को बर्बाद तो राम नाम इक्कीस पीढ़ियों को तारता है

उसी का जीवन सफल है जिसके जीवन में दृढ़ता है। उसी का जीवन सफल है जिसके जीवन में सत्संग के लिए स्नेह है। उसी का मनुष्य जन्म सफल है जिसके जीवन में सादगी, सच्चाई और…


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पंचगव्य चिकित्सा महासम्मेलन 28 नवंबर से कालड़ी में

नई दिल्ली। देशभर में चार मठों और अद्वैत वेदांत द्वारा धर्म और दर्शन में आधुनिकता की नींव रखने वाले जगद्गुरु शंकराचार्य की जन्म स्थली कालड़ी गांव में इस साल 2018 का पंचगव्य चिकित्सा महासम्मेलन आयोजित…


कण कण में है ईश्वर का वास

स्वामी शिवानन्दजी सरस्वती संसार में जो कुछ भी है सभी में ईश्वर का वास है, वह भले ही चर हो या अचर। ईश्वर का न कहीं अन्त है और न आदि। वह सर्वव्यापी, अन्तर्यामी, सर्वशक्तिमान…


आत्मानुभूति का अवलम्ब (प्राणायाम)

स्वामी रामतीर्थ प्राणायाम का शाब्दिक अर्थ होता है-श्वासं का नियंत्रण। हिन्दुओं के योग ग्रंथों में श्वांस के नियंत्रण या नियमन की आठ प्रमुख विधियां बतायी गयी हैं। परन्तु राम इनमें से केवल एक ही विधि की-अर्थात्…


उत्तराखंड में मौजूद है मां काली का ‘शक्तिपुंज’

मां भगवती का असीमित ‘शक्तिपुंज’ देवभूमि उत्तराखंड में ऊंचाई पर मौजूद है। कालीमठ मंदिर रुद्रप्रयाग में स्थित है। यहां से करीब आठ किमी. खड़ी चढ़ाई के बाद कालीशिला के दर्शन होते हैं। कालीमठ मंदिर रुद्रप्रयाग…


गौ रक्षा-कीजिए

(महात्मा गाँधी) मेरी दृष्टि में तो गौ-रक्षा मनुष्य-जाति के विकास में एक अद्भुत चमत्कारपूर्ण घटना है। यह मनुष्य-प्राणी को उसकी स्वाभाविक मर्यादा के ऊपर ले जाती है। मुझे तो गाय मानो मनुष्य-जाति से नीचे की…


लुँग-गोम-पा, सिद्धयोगी

प्रसिद्ध फ्रेंच परिव्राजक देवी श्रीमती अलेक्जेएंड्रा डैविड नील ने सिद्ध योगियों की बहुत खोज की है। वे ब्रसेल्स विश्वविद्यालय की प्रोफेसरी छोड़कर बौद्ध धर्म में दीक्षित हुईं और 12 वर्ष तक तिब्बत में रहकर लामा…


रामकृष्ण परमंहस के उपदेश

लुहार अपनी धोंकनी को निरंतर इसलिये धोंकता रहता है कि उसकी भट्टी की आग ठीक प्रकार जलती रहे। बुद्धिमान मनुष्य सत्पुरुषों के सत्संग इसलिए करता है कि उसका विवेक सदैव दीप्तिमान रहे। गिर्द्ध ऊँचे आकाश…


नासा ने लगायी हनुमान चालीसा की बात पर मुहर

जैसे-जैसे विज्ञान तरक्की करता जा रहा है, हिंदू धर्म ग्रंथों में लिखी गई कई बातें सही साबित होती जा रही हैं। ये प्रमाणित करता है कि भारतीय संस्कृति दुनिया को हजारों साल पहले ही ब्रह्मांड…