Articles by Nikhil Duniya

जीवन में मेहमान बन कर रहें

जवीन अस्थाई है। क्षणिक है हाथ में बंधी हुई घड़ी न सिर्फ समय बताती है बल्कि कट-कट की ध्वनि द्वारा संकेत करती है कि जवीन निरंतर कट रहा है, घट रहा है। आप जहां है…


एक संत का उपदेशामृत

धन, सम्पत्ति परिवार को छोड़कर वन में रहने की आवश्यकता नहीं है। आवश्यक है लोभ, मोह, मान, काम, क्रोध का त्याग और यह तभी होता है, जब साधक विनाशी के परे अविनाशी को जान लेता…


मृत्यु शोक का समय है या बोध का ?

किसी की मृत्यु होने पर हमें शोक होता है। पर क्या वास्तव मे मृत्यु शोक का समय है ? वास्तव में मृत्यु शोक का समय नहीं बल्कि विचार का समय है। इस सम्बन्ध में कृषगोतमी…


लाखीराम जोशी ने बंजर खेतों को बना दिया हरा-भरा

अब बेरनी गांव के बंजर खेतों में उगलेगा सोना ग्रामीणों ने बंजर खेतों में तैयार की बागवानी खेतों में लगाए केला, आम, कटहल, अनार के पौधे  नई टिहरी। कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं…


आयुर्वेद का आधार

डाॅ दिनेश जोशी। यद्यपि आधुनिक सभी पद्धतियां आयुर्वेद से निकली हैं परन्तु अन्य पैथियों में एलोपेथी के आधरभूत सिद्धान्त केमेस्ट्री, फिजिक्स तथा बायोलोजी है। आयुर्वेद का आधारभूत सिद्धांत ‘दर्शन’ हैं। दार्शनिक काल में षडदर्शन लिखे…


परमसत्ता का स्वरूप एवं अनुभूति!

वैदिक ऋषि परमसत्ता का स्वरूप सच्चिदानन्द बताते है। यही नहीं ‘सर्व खल्विदं ब्रह्म’ का प्रतिपादन करते हुए समूची सृष्टि को भी उसी से ओत-प्रोत हुई मानते है। फिर जीव सत्ता तो उसका अपना विशिष्ट अंश…


हिमालय की दुर्गम पर्वत श्रंखलाओं में है सूक्ष्म शरीरधारी आत्माओं का निवास

भारत पर अंग्रेजों के शासनकाल में आसाम-बर्मा की सीमा पर भारतीय कमाण्ड के एक सेनापति  व ब्रिटिश सेना के एक कर्नल हिमालय की दुर्गम पहाड़ियों में तैनात थे। वह अपनी दूरबीन से देखते हैं कि…


…तो स्वामी विशुद्धानंद सूक्ष्म शरीर से कर रहे ईश्वर आराधना

निखिल दुनिया ब्यूरो। चैरासी लाख योनियों में भटकने के बाद मिले इस मानव जीवन को हम दुनियादारी के काम-काज में यूं ही गंवा देते हैं। हजारों-लाखों में से कोई एक बिरला होता है, जो मानव…


शराब दस पीढ़ी को बर्बाद तो राम नाम इक्कीस पीढ़ियों को तारता है

उसी का जीवन सफल है जिसके जीवन में दृढ़ता है। उसी का जीवन सफल है जिसके जीवन में सत्संग के लिए स्नेह है। उसी का मनुष्य जन्म सफल है जिसके जीवन में सादगी, सच्चाई और…


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पंचगव्य चिकित्सा महासम्मेलन 28 नवंबर से कालड़ी में

नई दिल्ली। देशभर में चार मठों और अद्वैत वेदांत द्वारा धर्म और दर्शन में आधुनिकता की नींव रखने वाले जगद्गुरु शंकराचार्य की जन्म स्थली कालड़ी गांव में इस साल 2018 का पंचगव्य चिकित्सा महासम्मेलन आयोजित…