संस्कृति

योग से रेलवे क्लर्क इंडिया से पहुंचा था इंग्लैंड, यह जान ब्रिटिश अधिकारी गिर गया पैरों में

कभी रेलवे क्लर्क रहे श्यामा चरण लाहिड़ी अपनी विद्या से इंडिया में बैठे-बैठे इंग्लैंड तक पहुंच जाते थे। वे योग से अपने माइंड को कंट्रोल करते थे और आत्मा को एक जगह से दूसरी जगह…

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स्वामी रामसुखदास महाराज से जुड़ी दो अविश्वसनीय घटनाएं

निखिल दुनिया ब्यूरो। स्वामी रामसुखदास महाराज भारतवर्ष के अत्यंत उच्च कोटि के विरले वीतरागी संन्यासी थे। वे गीताप्रेस के तीन कर्णधारों में से एक थे। उन्होंने गीता के मर्म को साक्षात् किया और अपने प्रवचनो…


प्रकृति की सरलता

प्रकृति अत्यंत सरल है। इसकी समस्त क्रियाएं बड़ी सरलता के साथ होती हैं। सूर्य का उदय होना, तारों का टिमटिमाना, नदियों का निरंतर बहना, हवा का चलना समय पर हो रहा है। वृक्ष फलते-फूलते हैं,…


श्रद्धा का महत्व

संत विनोवा भावे का कथन है, ‘सद् विचारों पर बुद्धि केंद्रित रखने का ही नाम श्रद्धा है। यही श्रद्धा मनुष्य को बल देती है, सब प्रकार से प्रेरणा देती है और जीवन को सार्थक बनाती…


प्राणी नहीं प्राण, जानवर नहीं जान है गौ माता…

नई दिल्ली। हिंदू सनातन धर्म में गाय को संसार का सबसे पवित्र प्राणी कहा गया है। यह गंगा, गायत्री, गीता, गोवर्धन और गोविन्द की तरह पूज्य है। भारतीय संस्कृति में प्रत्येक जीव को सम्मान दिया जाता…


आज अधिक प्रासंगिक हैं स्वामी दयानन्द

प्रो. पी.के. आर्य। महान संस्कृतियां ऐसे ही महान नहीं हो जाती बल्कि मैं कहूं ऐसे ही महान नहीं बनी रहती हैं, नियति इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान देती है। हमें गर्व है कि हम जिस धरा पर…


मृत्यु के बाद व्यक्ति कहां जाता है?

परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद महाराज। भारतीय जन मानस का यह सहज विश्वास है कि मृत्यु के उपरान्त भी व्यक्ति की यात्रा समाप्त नहीं होती है। इसी धारणा से जुड़ी है कथाएं स्वर्ग की, नरक की, यमराज…


भगवान गणेश को दुर्वा अर्पित करने का रहस्य

प्रथम पूज्य श्रीगणेश को विशेष रूप से दूर्वा अर्पित की जाती है। दूर्वा एक प्रकार की घास है। ऐसा माना जाता है कि यह घास चढ़ाने से गणेशजी की कृपा प्राप्त होती है और घर…


गोग्रास से गोरक्षा

बड़े-बड़े तीर्थों में स्नान करने, दक्षिणा सहित ब्राह्मणों को भोजन कराने, व्रत, उपवास तथा कठिन तपों के आचरण से भूदान, अन्नदान, कन्यादान, सर्वस्वदान जैसे महान दान करने से समस्त प्रकार के मंगलों को प्रदान करने…


अर्थी बताती है जीवन का अर्थ

जीवन भर व्यक्ति परिवार के अनेक बोझ में ही उलझा रहता है। परिवार-बच्चों के पालन पोषण और सुख सुविधाएं जुटाने के लिए वह हर काम करने के लिए तैयार रहता है। यहां तक कि अपने…