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संस्कार का जीवन में बहुत महत्व

हमारे जीवन में संस्कारों का अत्यधिक महत्व है। देवपूजन और देवदर्शन भारतीय संस्कृति के जीवंत संस्कारों के साथ ही श्रेष्ठ सदाचार भी हैं। सामान्यतः हमारा जन्म, हमारे कार्य, हमारा मन और हमारी वाणी के द्वारा…


गो रक्षा हमारी आत्मरक्षा का प्रश्न है

घास-फूस खाकर अमृतोपम दूध प्रदान करने वाली गाय की वास्तव में प्रभु की सृष्टि में अपनी उपमा है। गोदुग्ध सचमुच इस लोक का अमृत है। एक दूध से ही कितने पदार्थ तैयार किये जाते हैं।…


उत्तम साधक को तीन दिन में आत्म-साक्षात्कार हो सकता है !

सत्य बोलना, प्रिय बोलना, मधुर बोलना, हितावह बोलना और कम बोलना, जीवन में व्रत रखना, परहित के कार्य करना – इससे शुद्ध अन्तःकरण का निर्माण होता है। जिसके शुद्ध अन्तःकरण का निर्माण नहीं हुआ वह चाहे…


क्या आप वैलेंटाइन डे का इतिहास जानते हैं?

राजीव दीक्षित | आज से 1500 वर्ष पहले यूरोपीय देशो में विवाह करने की प्रथा बिलकुल नही हुआ करती थी | अभी भी आप अगर हॉलीवुड फिल्मे अगर देखते होंगे तो आपने देखा होगा कि…


अमरता कोई बाह्य पदार्थ नहीं!

नीरजा माधव। आजकल एक चर्चा है, वैज्ञानिकों ने अमरता का सूत्र खोज लिया है जिससे मनुुष्य एक हजार वर्षों तक जीवित रह सकता है। किसी को आश्चर्य हो, तो हो, हम भारतीय दर्शन और प्राचीन…


रामायण काल से जुड़ा है इस शिव मंदिर का इतिहास

भगवान शिव के मंदिर पूरी दुनिया में बने हुए हैं। भगवान शिव के कई ऐसे मंदिर हैं, जिनका संबंध पौराणिक समय से जुड़ा हुआ है। आज हम आपके भगवान शिव के एक ऐसे ही मंदिर…


वसंत पंचमी पर पांच घंटे रहेगा विशेष मुहूर्त

निखिल दुनिया ब्यूरो। इस साल 22 जनवरी सोमवार को वसंत पंचमी का महापर्व मनाया जाएगा। वसंत पंचमी पर सोमवार और उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के संयोग के साथ ही लक्ष्मी एवं रवि योग का दिव्य मुहूर्त…


अकाल मृत्यु को टालने के उपाय

जीवन का अंतिम अटल सत्य है मृत्यु। जिस व्यक्ति ने इस धरती पर जन्म लिया है उसे एक दिन अवश्य ही इस नश्वर शरीर को त्यागना पड़ता है। श्रीमदभागवत में भगवान श्रीकृष्ण ने संदेश दिया है…



स्वामी रामतीर्थ को कब समझेंगे हम?

निखिल दुनिया ब्यूरो। नई टिहरी। गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं: यो मां पश्यति सर्वत्रा सर्वं च मयि पश्यति। तस्याहं न प्रणश्यामि स च मे न प्रणश्यति।। यानी जो मुझे सब जगह देखता है और…