विदेश में नौकरी छोड़ गौतम ने शुरू की मशरूम की खेती

नई टिहरी। शानदार करियर और बड़ी तनख्वाह के लिए हमारे देश के युवा विदेश जाने का सपना देखते हैं। मगर इसके उलट चंबा के एक युवा ने कुछ अलग ही नजीर पेश की है। आस्ट्रेलिया में लाखों रूपए की नौकरी छोड़कर युवा गौतम सजवाण ने देश प्रेम और गांव की माटी से जुड़ने के लिए बादशाहीथौल में मशरूम की खेती शुरू कर दी है। गौतम का मकसद है कि विदेश में लिए गए ज्ञान से स्थानीययुवाओं को स्वावलंबी बनाकर पिछड़े गांवों की तकदीर बदली जाए।
चंबा के बादशाहीथौल निवासी गौतम सजवाण ने आस्ट्रेलिया के बिजनेस स्कूल से रणनीतिक विपणन में मास्टर डिग्री की पढ़ाई की। मास्टर डिग्री लेने के बाद गौतम को आस्ट्रेलिया में ही कई कंपनियों ने लाखों रूपए के सैलेरी पैकेज का आॅफर किया। मगर गौतम ने विदेश में लाखों रूपए की नौकरी को छोड़कर अपने गांव के लिए कुछ करने का सपना देखा। सपना पूरा करने के लिए गौतम ने वापस लौटकर अपनी पुश्तैनी जमीन में मशरूम उत्पादन शुरू कर दिया। तीन माह पूर्व गौतम ने बादशाहीथौल में मशरूम उगाने के लिए परीक्षण के तौर पर 30 फुट लंबा और 20 फीट चैड़ा बांस, छप्पर और पन्नी की मदद से दो झोपड़ी जैसा ढांचा तैयार किया, जिसके अंदर रोशनी न जा सके। इस झोपड़ी के अंदर लगभग कई समतल रैक बनाए गए हैं। अब इस झोपड़ीनुमा कमरे के अंदर मशरूम उग आए हैं। मशरूम को खरीदने के लिए कई लोगों ने अपनी एडवांस बुकिंग भी करा दी है। गौतम का कहना है कि अपने देश की मिट्टी की खुशबू के कारण वो भारत वापस आए हैं। पहाड़ में युवाओं को आत्म निर्भर और सशक्त बनाना उनका मकसद है। कहना है कि वह अपने प्रयास से अन्य युवाओं को भी आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। रानीचैरी के निकट एक फार्म हाउस तैयार कर बड़ी मात्रा में मशरूम और जैविक खेती की तैयारी अंतिम चरण में है। ऐसे में गौतम के पिता वीरेंद्र सजवाण अपने बेटे की कामयाबी से गदगद हैं।